बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दुरुपयोग के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की अनुमति प्राप्त की है। उन्होंने एआई का उपयोग करके बनाए गए नकली वीडियो, विकृत तस्वीरों और जाली डिजिटल पहचानों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह मामला डिजिटल स्पेस में तेजी से बढ़ रहे डीपफेक और अन्य एआई-जनित धोखाधड़ी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। जिंटा का लक्ष्य एआई तकनीक के गलत इस्तेमाल से होने वाले नुकसान से अपनी और अन्य हस्तियों की रक्षा करना है। अदालत ने इस मामले में सुनवाई की अनुमति दे दी है, जिससे यह उम्मीद है कि भविष्य में ऐसे मामलों में एक मिसाल कायम होगी। यह निर्णय एआई के दुरुपयोग को रोकने और डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति है। इस मामले से डिजिटल पहचान और गोपनीयता की सुरक्षा पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
