गुजरात के भुज में आई आपदा के छह साल बाद भी कई परिवार स्थायी आवासों के लिए इंतज़ार कर रहे हैं। मूसलाधार बारिश के कारण फिर से आपदा आने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे पीड़ितों में चिंता बढ़ गई है। क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत अभी तक नहीं हो पाई है। उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में बसी बस्तियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने में भी सरकार विफल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन राहत और पुनर्वास कार्यों में लापरवाही बरत रहा है। इस उदासीनता के कारण, आपदा प्रभावित व्यक्तियों के जीवन में अनिश्चितता बनी हुई है और उन्हें मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रहना पड़ रहा है। स्थिति गंभीर बनी हुई है और तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है।

English
Français
Español
हिन्दी
中文