कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कंपनियों का विकास अभूतपूर्व रहा है, और इनकी शक्ति भी अद्वितीय है। अब कंपनी के संस्थापक भी इस बात को समझने लगे हैं कि इन कंपनियों को अन्य व्यवसायों से अलग तरीके से देखा जाना चाहिए। AI कंपनियों की तेज़ी से बढ़ती क्षमताओं के कारण, इनके संचालन और नियंत्रण पर नए सिरे से विचार किया जा रहा है। यह मान्यता बढ़ रही है कि पारंपरिक कारोबारी मॉडल इन कंपनियों पर लागू नहीं हो सकते। विशेषज्ञों का मानना है कि AI के विकास और प्रभाव को देखते हुए, इनके लिए विशेष नियम और नीतियां बनाना आवश्यक है। इस बदलाव का संकेत तकनीकी दिग्गजों के बढ़ते समाजवादी रुझानों में दिख रहा है, जो सामाजिक जिम्मेदारी और व्यापक हित को प्राथमिकता देने की ओर इशारा करते हैं। भविष्य में AI कंपनियों के लिए एक नए नियामक ढांचे की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
