भारतीय-अमेरिकी सीईओ, जिन्होंने ज़ूम कॉल के माध्यम से 900 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था, उन्हें अब उनके पद से हटा दिया गया है। यह फैसला उनकी कार्यशैली और कर्मचारियों के साथ व्यवहार को लेकर आलोचना के बाद लिया गया है। कंपनी ने इस कदम की पुष्टि की है, लेकिन हटाने के विशिष्ट कारणों का खुलासा नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार, बर्खास्तगी का तरीका असंवेदनशील माना गया था और इससे कंपनी की छवि को नुकसान पहुंचा था। सीईओ पर कर्मचारियों की भावनाओं की अनदेखी करने और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने में विफल रहने का आरोप लगाया गया था। इस घटना ने डिजिटल युग में कर्मचारियों की बर्खास्तगी के नैतिक पहलुओं पर बहस छेड़ दी है। कंपनी अब नए नेतृत्व की तलाश में है।