बर्लिन में एक मामले में नया मोड़ आया है, जिसमें एक 20 वर्षीय महिला को नशीला पदार्थ देकर उसके साथ बलात्कार करने के आरोप में दोषी ठहराए गए मार्विन एस. की सजा पर पुनर्विचार किया जाएगा। पहले, बर्लिन की क्षेत्रीय अदालत ने इसे लापरवाह शारीरिक चोट और साधारण बलात्कार माना था, जिसके परिणामस्वरूप हल्की सजा हुई। हालांकि, अब उच्च न्यायालय ने इस फैसले को पलट दिया है और मामले को फिर से सुनने का आदेश दिया है। अदालत का मानना है कि प्रारंभिक फैसले में कानून की गलत व्याख्या की गई थी। अभियोजन पक्ष का तर्क है कि मार्विन एस. ने पीड़िता को बलात्कार करने के उद्देश्य से ही नशीला पदार्थ दिया था, जो कि एक गंभीर अपराध है। पुनर्विचार में, यह स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा कि क्या आरोपी ने पीड़िता को बेहोश करने के लिए जानबूझकर ड्रग्स दिए थे। इस मामले ने जर्मनी में यौन हिंसा और न्याय व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है।