युद्ध में अपने बेटे को खो चुके एक पिता ने हाल ही में धार्मिक समुदाय के विरोध प्रदर्शनों के एक नारे पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा भी गाजा में धार्मिक अध्ययन करता था और किसी ने उसका उत्पीड़न नहीं किया। यह विरोध प्रदर्शन इज़राइल में धार्मिक छात्रों के कथित उत्पीड़न के खिलाफ है। पिता का कहना है कि यह दावा गलत है और इज़राइल में धार्मिक शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने इस नारे को अपने बेटे की स्मृति के लिए अपमानजनक बताया। उनका मानना है कि यह विरोध प्रदर्शन अनावश्यक है और देश में विभाजन पैदा कर रहा है। इस बयान ने धार्मिक समुदाय और अन्य इजरायली नागरिकों के बीच बहस छेड़ दी है।
