बेल्जियम के एक 66 वर्षीय व्यक्ति, ल्यूक, की विकलांग बेटी के बैंक खाते से 5000 यूरो चोरी हो गए हैं। ल्यूक का कहना है कि उन्होंने कभी भी अपनी बेटी की संवेदनशील बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा नहीं की थी। इस घटना के बाद, ल्यूक ने अपने बैंक से मदद की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक सहायता नहीं मिल पाई है। बैंक की ओर से कोई स्पष्टीकरण या समाधान नहीं दिया गया है, जिससे ल्यूक काफी परेशान हैं। यह मामला ऑनलाइन बैंकिंग सुरक्षा और विकलांग व्यक्तियों की वित्तीय सुरक्षा से जुड़े सवालों को उठाता है। फिलहाल, ल्यूक इस चोरी की शिकायत दर्ज कराने और अपनी बेटी के धन की वसूली करने के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। यह घटना वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे और बैंकों की जिम्मेदारी पर प्रकाश डालती है।