बेल्जियम की एक अपील अदालत ने एक पूर्व तुर्की शिक्षक को शरणार्थी का दर्जा दिया है। अदालत का मानना है कि तुर्की में गुलन आंदोलन से पूर्व संबंध, गिरफ्तारी वारंट के अभाव में भी, अभियोजन का जोखिम साबित करने के लिए पर्याप्त हैं। तुर्की सरकार द्वारा इस समूह के खिलाफ जारी कार्रवाई को अदालत ने ध्यान में रखा है। काउंसिल फॉर एलियन लॉ के अनुसार, सिर्फ़ गिरफ्तारी वारंट या जांच का अभाव शरण के दावे को खारिज करने का आधार नहीं हो सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि गुलन आंदोलन से जुड़ाव ही, वर्तमान परिस्थितियों में, जोखिम को दर्शाता है। यह फैसला उन तुर्की नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है जो राजनीतिक कारणों से शरण की मांग कर रहे हैं। यह मामला तुर्की में मानवाधिकारों और राजनीतिक स्वतंत्रता की स्थिति पर भी प्रकाश डालता है।