फ़्रांस के लेखक फ़्रेडरिक बेइग्बेडर ने ब्लांच लेरिडॉन की पुस्तक 'हमारी अधूरी बातें' पढ़ी है। यह पुस्तक अपूर्णता की प्रशंसा करती है, और इसी कारण इसे पूरा नहीं किया गया। लेखक ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि विलंब पर एक किताब प्रकाशित करने के लिए ज़्यादा मेहनत की आवश्यकता नहीं होती। यह टिप्पणी पुस्तक के विषय और लेखक के दृष्टिकोण पर एक रोचक टिप्पणी है। यह कृति अपूर्णता के सौंदर्यशास्त्र और रचनात्मक प्रक्रिया में इसके महत्व पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है। यह पुस्तक फ़्रांस में साहित्यिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। यह निबंध अपूर्णता की प्रशंसा का एक अनूठा उदाहरण है।