राष्ट्रीय औद्योगिक न्यायालय ने ताजुद्दीन बोलोगुन को गलत तरीके से बर्खास्त करने के मामले में बैंक को उन्हें फिर से नौकरी पर बहाल करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने बैंक पर पाँच मिलियन, पाँच सौ हजार नाइजीरियाई नाईरा (N5.5m) का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला ओबाफेमी अवोलोवो विश्वविद्यालय (OAU) से प्राप्त गलत जानकारी के आधार पर की गई बर्खास्तगी के खिलाफ था। न्यायालय ने माना कि बैंक ने कर्मचारी को बर्खास्त करने में उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया। इस मामले में, बैंक ने ताजुद्दीन बोलोगुन को उनकी शैक्षिक योग्यता को लेकर गलत सूचना के आधार पर नौकरी से निकाल दिया था। न्यायालय ने बैंक को सभी बकाया वेतन और भत्ते का भुगतान करने का भी निर्देश दिया है। यह निर्णय कर्मचारियों के अधिकारों और उचित प्रक्रिया के महत्व को दर्शाता है।