ব্রাহ্মণবাড়িয়ার আশুগঞ্জে एक कार्यशाला दुर्घटना में 6 साल पहले अपना हाथ खोने वाले 16 वर्षीय নাহিद को आखिरकार 30 लाख টাকার मुआवजा मिल गया है। कार्यशाला के मालिक হাজী ইয়াকুব ने सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली अपील पीठ के समक्ष यह राशि प्रदान की। पहले 15 लाख रुपये की राशि पहले ही दी जा चुकी थी, और अब शेष 15 लाख रुपये भी নাহিद को सौंप दिए गए हैं। वकील उमर फारूक ने নাহিद की ओर से अदालत में पैरवी की। यह मुआवजा, जिसका कुल मूल्य 30 लाख रुपये है, নাহিद को उसके हाथ खोने की त्रासदी के लिए एक महत्वपूर्ण राहत प्रदान करता है। यह मामला बाल श्रम और कार्यस्थल सुरक्षा के मुद्दों को भी उजागर करता है। वकील फारूक ने पत्रकारों को बताया कि यह न्याय की जीत है।