बांग्लादेश ने संयुक्त राष्ट्र में रोहिंग्या शरणार्थियों की वापसी पर ज़ोर दिया है। बांग्लादेश के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत सलाहउद्दीन नोमान चौधरी ने कहा कि रोहिंग्या संकट की जड़ म्यांमार में है। उन्होंने इस संकट के स्थायी समाधान के लिए म्यांमार में ही प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया। बांग्लादेश का मानना है कि रोहिंग्या लोगों को सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से अपने गृह देश वापस लौटने में सहायता की जानी चाहिए। इस मुद्दे पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से सहयोग की भी अपील की गई है। राजदूत चौधरी ने म्यांमार सरकार से रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए अनुकूल माहौल बनाने का आग्रह किया ताकि वे सुरक्षित रूप से वापस लौट सकें। यह मुद्दा बांग्लादेश के लिए एक महत्वपूर्ण मानवीय और राजनीतिक चुनौती बना हुआ है।