बांग्लादेश और चीन के युवा साहसी और छात्रों ने मिलकर एक सामाजिक पहल शुरू की है। इस पहल के तहत, उन्होंने नेत्रकोना से किशोरगंज तक कयाकिंग की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नदी और झील (हॉर) के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। दोनों देशों के युवाओं ने इस यात्रा के माध्यम से जलमार्गों के महत्व पर प्रकाश डाला। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अभियान से नदी और झील के पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। स्थानीय समुदायों को भी इस पहल में शामिल किया गया, जिससे जागरूकता का दायरा बढ़ा।