बलूचिस्तान में फुटबॉल का उत्साह चरम पर है, लेकिन एक सफल टीम अपने खिलाड़ियों को मैदान में उतारने के बजाय पुलिस ड्यूटी में व्यस्त देख रही है। 2022 में सीएम गोल्ड कप और उसके बाद नेशनल गेम्स जीतने वाली टीम के खिलाड़ियों को अब पुलिस स्टेशनों और सड़कों पर तैनात किया गया है। इनमें से कुछ खिलाड़ी चेकपोस्ट पर ड्यूटी कर रहे हैं, जबकि अन्य शहर में गश्त कर रहे हैं। खिलाड़ी, जैसे कि हम्ज़ा, जिन्होंने 2021 तक क्लब फुटबॉल खेला, अब पुलिस स्पोर्ट्स प्रोग्राम के तहत भर्ती हुए हैं और उन्हें सरकारी नौकरी के साथ खेल पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिला था। हालांकि, उन्हें अब नियमित पुलिस ड्यूटी भी करनी पड़ रही है, जिससे उनके खेल करियर पर असर पड़ रहा है। बलूचिस्तान पुलिस स्पोर्ट्स बोर्ड के माध्यम से खिलाड़ियों को खेल कोटा के तहत भर्ती किया जाता है, लेकिन हालिया तैनाती से उनके खेल भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं। यह स्थिति बलूचिस्तान में फुटबॉल के विकास के लिए चिंताजनक है।
