चेक़ गणराज्य में, एक दौड़ के घोड़े का नाम ‘ऑस्ट्रियन चित्रकार’ (Rakouský malíř) रखा गया था। घोड़े के मालिक को यह नाम बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि यह नाम नाज़ी नेता एडोल्फ हिटलर की याद दिलाता था। दो साल का यह घोड़ा मूल रूप से ‘ऑस्ट्रियन चित्रकार’ के नाम से पंजीकृत था। अधिकारियों और जनता से मिली प्रतिक्रिया के बाद, मालिक ने घोड़े का नाम बदलने का फैसला किया। यह घटना नामकरण के सामाजिक और राजनीतिक निहितार्थों पर प्रकाश डालती है। नए नाम की घोषणा अभी तक नहीं की गई है, लेकिन यह निश्चित है कि यह विवादास्पद नाम से अलग होगा। इस फैसले से घोड़े के मालिक और दौड़ आयोजकों ने राहत की साँस ली है।