ऑस्ट्रियाई अधिकारियों ने पूर्व मंत्री ग्रैसर और उनके सहयोगियों के खिलाफ एक नया आरोप पत्र दायर किया है। इस मामले में मेइशबर्गर और होचेगर पर आरोप है कि उन्होंने ग्रैसर के 'डमी' या मुखौटा व्यक्तियों के रूप में काम करने की बात छिपाई। भ्रष्टाचार विरोधी इकाई (WKStA) का दावा है कि इन व्यक्तियों द्वारा दी गई स्व-घोषणाएं अधूरी और भ्रामक थीं। जांच का मुख्य केंद्र रिश्वत के रूप में प्राप्त धन पर टैक्स की देनदारी और उसकी जानकारी छिपाना है। अभियोजन पक्ष का तर्क है कि आरोपियों ने जानबूझकर वित्तीय तथ्यों को उजागर नहीं किया। अब इन सहयोगियों को अदालत में जवाबदेह ठहराया जा रहा है। यह कानूनी कार्रवाई टैक्स चोरी और राजनीतिक भ्रष्टाचार के गहरे संबंधों को उजागर करती है।