आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में निम्न आय वर्ग के लोगों को कोई विशेष राहत नहीं मिली है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक क्षेत्रों को पर्याप्त धन आवंटित नहीं किया गया है, जिससे इन क्षेत्रों में सुधार की गति धीमी हो सकती है। बजट में करों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम आदमी को महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद कम हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बजट में विकास को बढ़ावा देने पर अधिक ध्यान दिया गया है, जबकि सामाजिक न्याय और कल्याण को प्राथमिकता नहीं दी गई है। शिक्षा क्षेत्र को आवंटित धन की कमी से स्कूलों और कॉलेजों में बुनियादी ढांचे के विकास में बाधा आ सकती है। इसी तरह, स्वास्थ्य क्षेत्र में कम निवेश से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और गरीबों को बेहतर इलाज मिलने में मुश्किल हो सकती है। सरकार ने इस बजट को संतुलित बताते हुए विकास और राजकोषीय अनुशासन पर जोर दिया है।