ऑस्ट्रेलियाई, यूके और अमेरिकी सुरक्षा समझौते, ऑकस को लेकर सरकार की ढुलमुल रवैये पर सवाल उठ रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि सरकार इस समझौते को लेकर जनता की नाराजगी को कम आंक रही है। यह समझौता सरकार की वर्तमान अलोकप्रियता का एक प्रमुख कारण बन रहा है। आलोचकों का कहना है कि सरकार ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर पर्याप्त स्पष्टता नहीं दिखाई है, जिससे जनता में भ्रम और अविश्वास पैदा हुआ है। इस समझौते के संभावित परिणामों पर भी पर्याप्त चर्चा नहीं की गई है, जिससे लोगों में चिंता बढ़ रही है। सरकार को इस मामले में अधिक सक्रियता और पारदर्शिता दिखाने की आवश्यकता है ताकि जनता का विश्वास फिर से हासिल किया जा सके। यह समझौता क्षेत्रीय स्थिरता पर भी प्रभाव डाल सकता है, जिसके बारे में सरकार को विचार करना चाहिए।
