लोकतांत्रिक व्यवस्था में संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण है। इन संस्थानों पर आलोचना करना वैध है, लेकिन लगातार हमलों का निशाना बनाना लोकतंत्र के लिए हानिकारक है। ये संस्थान शक्ति के संतुलन को बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करते हैं। लगातार आलोचना से इन संस्थानों की विश्वसनीयता कम हो सकती है, जिससे वे अपना कार्य प्रभावी ढंग से करने में असमर्थ हो सकते हैं। संस्थानों को मजबूत रखना, लोकतंत्र को मजबूत रखने के लिए आवश्यक है। इसलिए, इन संस्थानों की रक्षा करना और उन्हें मजबूत बनाना महत्वपूर्ण है। यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि आलोचना रचनात्मक हो और संस्थानों को बेहतर बनाने में सहायक हो, न कि उन्हें कमजोर करने में।
