सेना ने सैनिकों के वेतन में कटौती करने का अनुरोध नहीं किया है। बल्कि, इसने उच्च रैंकों के वेतन को समान स्तर पर लाने के लिए एक "तकनीकी मूल्यांकन" करने का अनुरोध किया है। यह अनुरोध सैनिकों के नियमित वेतन में कटौती करने के उद्देश्य से नहीं किया गया था। सेना का लक्ष्य विभिन्न रैंकों के बीच वेतन की असमानता को दूर करना है। इस मूल्यांकन से यह निर्धारित करने में मदद मिलेगी कि उच्च रैंकों के वेतन को कैसे समायोजित किया जाए। यह कदम सेना में वेतन ढांचे को अधिक न्यायसंगत बनाने के लिए उठाया गया है। इस मामले की जानकारी "ला सिल्ला वाकिया" द्वारा प्रकाशित की गई है।