श्रम मंत्री ने सेना की गश्त वाली खबरों पर अपनी हैरानी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह खबर चौंकाने वाली थी। हालांकि, रक्षा मंत्री के इस स्पष्टीकरण के बाद वह संतुष्ट हैं कि यह मामला अभी पूरी तरह से सुलझा नहीं है। इस घटना से सरकार के भीतर मतभेद सामने आए हैं, क्योंकि सड़कों पर सेना की गश्त को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं। रक्षा मंत्री का कहना है कि स्थिति अभी भी अनिश्चित है और इस पर आगे विचार किया जा रहा है। इस मामले में अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है। सेना की गश्त से आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है, इसलिए सरकार इस पर सावधानी से विचार कर रही है। यह घटना देश में कानून और व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े करती है।
