वैज्ञानिकों ने गहरे समुद्र में एक दुर्लभ मछली, जिसे "आर्मर्ड सीकॉक" कहा जाता है, की खोज की है। यह मछली 400 मीटर की गहराई पर रहती है और आगे, पीछे और बग़ल में चल सकती है। उन्नत पनडुब्बी तकनीक का उपयोग करके यह अवलोकन किया गया। चीन के सन यात-सेन विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने पेरिस्टेडिनाए उपपरिवार के मछलियों का अध्ययन किया। उल्लेखनीय रूप से, इस मछली की स्वाद लेने की क्षमता पैरों में होती है और यह अँधी भी है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस मछली के जीन हमारी जीभों के समान हैं, जो स्वाद संवेदन में एक दिलचस्प संबंध दर्शाते हैं। यह खोज समुद्री जीवन की विविधता और अनुकूलन क्षमता पर प्रकाश डालती है।