आगामी 30 जून को अवैध प्रवासियों के विरोध प्रदर्शन के आयोजकों का कहना है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है। उनका तर्क है कि किसी भी संभावित कानून व्यवस्था की समस्या के लिए राज्य सरकार की पुलिसिंग और सीमा नियंत्रण व्यवस्था जिम्मेदार होगी। वहीं, विपक्षी गुट आंदोलन के नेताओं की हिंसा भड़काने के आरोप में तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। आयोजकों का जोर है कि वे किसी भी तरह की अशांति के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि सरकार की नीतियों के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। विरोध प्रदर्शनों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हैं और संभावित हिंसा को रोकने के लिए तैयारी कर रही हैं। दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ रहा है, जिससे 30 जून को स्थिति और बिगड़ने की आशंका है। सरकार ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।