एमनेस्टी इंटरनेशनल ने हंगरी सरकार द्वारा सुलयोक को पद से हटाने के तरीके पर चिंता व्यक्त की है। संगठन का कहना है कि सरकार ने राय देने के लिए केवल पांच दिन का समय दिया, जो अपर्याप्त है। एमनेस्टी इंटरनेशनल का मानना है कि पद से हटाने की प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए था। उनका तर्क है कि सरकार का वर्तमान दृष्टिकोण उचित नहीं है। यह निर्णय हंगरी में कानूनी प्रक्रियाओं और मानवाधिकारों के सम्मान से जुड़े सवाल खड़े करता है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने सरकार से इस मामले में पारदर्शिता और निष्पक्षता बरतने का आग्रह किया है। संगठन का कहना है कि किसी भी पद से हटाने की कार्रवाई कानून के अनुसार होनी चाहिए।