लंबे समय तक यह माना जाता था कि किसी कठिन कार्य या समस्या के समाधान के लिए विशेषज्ञों की मदद लेना आवश्यक है। हालांकि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आगमन ने इस स्थिति को बदल दिया है और अब लोग कई काम स्वयं करने में सक्षम हैं। यह आत्मनिर्भरता संतोषजनक महसूस होती है, लेकिन इसका एक नकारात्मक पहलू भी है। AI के बढ़ते उपयोग के कारण वास्तविक मानव विशेषज्ञों के लिए रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं। यह प्रवृत्ति भविष्य के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। डर यह है कि जब हमें वास्तव में किसी विशेषज्ञ की आवश्यकता होगी, तो शायद वे उपलब्ध नहीं होंगे। इस प्रकार, तकनीक की सुविधा अनजाने में मानवीय कौशल और विशेषज्ञता को खतरे में डाल रही है।