हेलसिंकी की अपील अदालत ने एक मामले में फैसला सुनाया है जिसमें एक कर्मचारी को उसकी उम्र के आधार पर भेदभावपूर्ण तरीके से बर्खास्त किया गया था। कर्मचारी, जिन्होंने एक दशक से अधिक समय तक एक प्रमुख पद पर कार्य किया था, को उनकी सेवानिवृत्ति योजनाओं के कारण नौकरी से निकाल दिया गया था। अदालत ने पाया कि बर्खास्तगी उम्र के आधार पर भेदभाव का मामला है और इसे ग़ैरक़ानूनी घोषित किया है। यह मामला फिनलैंड में कार्यस्थल पर उम्र के भेदभाव के मुद्दे पर प्रकाश डालता है। अदालत का यह फैसला कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करने और उम्र के आधार पर भेदभाव को रोकने के महत्व को रेखांकित करता है। इस फैसले से भविष्य में समान मामलों में मिसाल कायम हो सकती है। बर्खास्तगी के पीछे सेवानिवृत्ति योजनाओं को एकमात्र कारण बताना अदालत को ग़लत लगा।
