ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल लीग (एएफएल) ने सेयर्स से जुड़े एक मामले की जांच की, लेकिन मेलबर्न में हुई एक बैठक की जांच करने से इनकार कर दिया है। यह मामला क्लब द्वारा संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी के गलत प्रबंधन से जुड़ा है। सवाल यह है कि एएफएल उन व्यवहारों की जांच करने को तैयार है जो लीग की छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं, तो फिर इस मामले में जांच क्यों नहीं की गई? एक क्लब ने पहले ही संवेदनशील जानकारी के गलत इस्तेमाल की बात स्वीकार कर ली है। आलोचकों का कहना है कि यह रवैया दोहरे मापदंडों को दर्शाता है। एएफएल पर यह स्पष्ट करने का दबाव है कि वह किन परिस्थितियों में जांच शुरू करती है और किन परिस्थितियों में नहीं। इस मामले ने लीग की जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।