डोलोमाइट्स पर्वत श्रृंखला में मिली 6,000 वर्ष पुरानी जीवाश्म अवशेषों में एक महत्वपूर्ण खोज हुई है। एक शिशु के कंकाल में मिली हड्डी पर 'पेरीमोर्टम फ्रैक्चर' नामक चोट के निशान मिले हैं। यह फ्रैक्चर जन्म के समय हुई सहायता का संकेत देता है, जो आधुनिक चिकित्सा विज्ञान से पहले भी प्रसव के दौरान जटिलताओं को दूर करने के प्रयासों को दर्शाता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह चोट तब लगी जब शिशु के जन्म के दौरान किसी ने उसे बाहर निकालने में मदद की। यह खोज दर्शाती है कि प्राचीन समाजों में भी प्रसवकालीन देखभाल और महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता थी। यह पुरातात्विक खोज प्रसव के इतिहास और मानव स्वास्थ्य सेवा के विकास पर प्रकाश डालती है। इससे यह भी पता चलता है कि प्राचीन काल में भी समुदाय एक दूसरे की सहायता करते थे।