नीदरलैंड में, पूर्व जापानी युद्धबंदियों की विधवाओं के लिए मुआवज़े की मांग कर रहे कार्यकर्ताओं ने निराशा व्यक्त की है। कैबिनेट ने मुआवज़े की राशि को सीमित कर दिया है, जिसके कारण कार्यकर्ताओं ने अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया है। उनका कहना है कि यह मुआवज़ा अपर्याप्त है और पीड़ितों के साथ अन्याय करता है। ये महिलाएं दशकों से अपने पति की युद्ध के दौरान हुई कठिनाइयों के लिए मुआवज़ा पाने की कोशिश कर रही हैं। कार्यकर्ताओं का मानना है कि नीदरलैंड सरकार को पूर्व युद्धबंदियों और उनके परिवारों के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी को समझना चाहिए। वे इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाए रखने की योजना बना रहे हैं। आगे की कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है।