नेशनल असेंबली को बताया गया कि पेट्रोल की कीमतें अब सात-दिवसीय औसत पर आधारित होंगी। यह निर्णय पेट्रोल की कीमतों में स्थिरता लाने और उपभोक्ताओं पर प्रभाव को कम करने के लिए लिया गया है। पहले, कीमतों का निर्धारण दैनिक आधार पर होता था, जिससे उतार-चढ़ाव अधिक होता था। नए नियम के तहत, पिछले सात दिनों के औसत मूल्यों को ध्यान में रखकर कीमतें तय की जाएंगी। यह बदलाव ईंधन की कीमतों की भविष्यवाणी करने में भी मदद करेगा और बाजार में पारदर्शिता लाएगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर पेट्रोल उपलब्ध हो। यह प्रक्रिया ऊर्जा क्षेत्र में सुधार और स्थिरता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।