एस्टोनिया में सोरायनेन के वकील मार्कस नीन ने ERR को बताया है कि पुलिस को न्यायालय की मंजूरी के बिना गैर-अनुपालन वाले व्यक्तिगत हल्के इलेक्ट्रिक वाहनों को जब्त करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उनका तर्क है कि ऐसा करने से संपत्ति के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन होगा। नीन का कहना है कि संपत्ति के अधिकारों की रक्षा करना महत्वपूर्ण है और पुलिस को बिना किसी न्यायिक प्रक्रिया के संपत्ति जब्त करने की शक्ति नहीं दी जानी चाहिए। यह मामला तब सामने आया जब पुलिस ने हाल ही में कई इलेक्ट्रिक स्कूटर जब्त कर लिए थे जो स्थानीय नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। इस कार्रवाई ने विवाद पैदा कर दिया है, और कानूनी विशेषज्ञ इस मुद्दे पर बहस कर रहे हैं। नीन का मानना है कि किसी भी प्रकार की संपत्ति जब्ती के लिए न्यायालय का आदेश आवश्यक होना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नागरिकों के अधिकारों का सम्मान किया जाए। इस मामले में आगे कानूनी कार्यवाही की उम्मीद है।