अर्जेंटीना और ब्राजील दोनों ही माध्यमिक शिक्षा में छात्रों की संख्या बढ़ा रहे हैं, लेकिन एक देश सीखने के बेहतर परिणामों के साथ यह कर रहा है। यह अंतर यह दर्शाता है कि समावेश केवल विद्यालय में भर्ती करने तक ही सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए। ब्राजील में छात्रों को विद्यालय में तो लाया जा रहा है, लेकिन उनके सीखने के स्तर में सुधार नहीं दिख रहा है। अर्जेंटीना, इसके विपरीत, समावेश के साथ-साथ छात्रों की शैक्षिक प्रगति को भी सुनिश्चित करने में सफल रहा है। यह स्थिति शिक्षा के क्षेत्र में समावेश की अवधारणा को लेकर सवाल खड़े करती है। क्या सिर्फ़ बच्चों को स्कूल भेजना ही पर्याप्त है, या उन्हें प्रभावी ढंग से शिक्षित करना भी ज़रूरी है? इस मुद्दे पर दोनों देशों को विचार करना चाहिए और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए रणनीतियां विकसित करनी चाहिए।