यूरोपीय संसद ने हाल ही में एक नई आप्रवासन नीति को मंजूरी दी है, जो शरणार्थियों को उनके मूल देशों में वापस भेजने की प्रक्रिया को सख्त करती है। मोरक्को के आप्रवासन विशेषज्ञों ने इस नीति की आलोचना करते हुए इसे मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का उल्लंघन बताया है। उनका कहना है कि यह नीति शरण चाहने वालों की गरिमा और सुरक्षा से समझौता करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति मोरक्को पर आप्रवासन का बोझ स्थानांतरित करने का प्रयास है। इस नीति से मोरक्को और यूरोपीय संघ के बीच साझेदारी की सीमाएं और खतरे उजागर होते हैं। यह कदम मोरक्को में शरणार्थियों की स्थिति को और भी कमजोर कर सकता है।
