वोक्सवैगन समूह को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं इसकी सहायक कंपनी स्कोडा ऑटो को उल्लेखनीय सफलता मिल रही है। स्कोडा इस साल यूरोपीय संघ में दूसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल ब्रांड बन गया है। दिलचस्प बात यह है कि स्कोडा जर्मनी में भी BMW और मर्सिडीज-बेंज जैसी कंपनियों को पीछे छोड़कर दूसरे स्थान पर आ गया है। कंपनी की सफलता का एक कारण अमेरिका और चीन जैसे चुनौतीपूर्ण बाजारों में निर्यात न करना है। स्कोडा आंतरिक दहन इंजन वाली कारों और इलेक्ट्रिक वाहनों दोनों को बेहतर मूल्य और गुणवत्ता के साथ बेचकर ग्राहकों को आकर्षित करने में सफल रही है। यह जर्मन ब्रांडों की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी साबित हो रहा है।

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