दक्षिण अफ्रीका के कोच ह्यूगो ब्रूस ने फीफा द्वारा थेम्बा ज़वाने पर लगाए गए तीन मैचों के प्रतिबंध को लेकर कड़ी आलोचना की है। ब्रूस ने फीफा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है, क्योंकि इसी तरह के एक मामले में लियोनेल मेस्सी को कोई सजा नहीं दी गई थी। उनका कहना है कि ज़वाने को दिया गया दंड अनुचित है और फीफा को इस मामले में निष्पक्षता दिखानी चाहिए थी। ब्रूस ने मैच के दौरान हुई रेफरी की गलतियों पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि मेस्सी की घटना और ज़वाने की घटना में समानता थी, लेकिन दोनों के साथ अलग व्यवहार किया गया। इस फैसले से दक्षिण अफ्रीकी फुटबॉल संघ में निराशा है। ब्रूस ने फीफा से इस मामले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
