मार्च एंड मार्च आंदोलन के उदय के पीछे राजनीतिक सहयोगी और विदेशी विरोधी तत्वों का हाथ है। जांच में पता चला है कि इस आंदोलन के कुछ प्रमुख सदस्य ज़ुमा परिवार से जुड़े हुए हैं। आगामी ३० जून को प्रस्तावित बंद को लेकर आशंकाएं बढ़ गई हैं, क्योंकि यह जुलाई २०२१ में हुए दंगों और हिंसा की याद दिला रहा है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, यह आंदोलन व्यवस्थित रूप से किया जा रहा है और इसमें हिंसा भड़काने की संभावना है। मार्च एंड मार्च आंदोलन के नेतृत्वकर्ताओं के वित्तीय संबंधों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने स्थिति को संभालने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। यह आंदोलन दक्षिण अफ्रीका की राजनीतिक स्थिरता के लिए एक चुनौती बन सकता है।