ज़िम्बाब्वे की सीनेट ने बुधवार को एक विवादास्पद संवैधानिक संशोधन को भारी बहुमत से पारित कर दिया। इस संशोधन के तहत राष्ट्रपति इमर्सन म्नांगवागा का कार्यकाल 2030 तक बढ़ाया जा सकता है। निचले सदन ने पहले ही इस संशोधन को मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद अब इसे पूर्ण संसदीय समर्थन प्राप्त हो गया है। 83 वर्षीय म्नांगवागा अब 2030 तक राष्ट्रपति पद पर बने रह सकते हैं। यह निर्णय विपक्षी दलों और नागरिक समाज समूहों द्वारा आलोचना का विषय रहा है, जो इसे सत्ता में बने रहने के लिए एक प्रयास मानते हैं। सरकार का कहना है कि यह संशोधन राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करेगा। इस कदम से ज़िम्बाब्वे की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना है।
