ज़िम्बाब्वे में लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन हो रहा है और यह देश संवैधानिक रूप से स्थापित तानाशाही की ओर बढ़ रहा है। दक्षिणी अफ्रीकी विकास समुदाय (SADC), जिसमें दक्षिण अफ्रीका सबसे प्रभावशाली देश है, इस स्थिति को चुपचाप देख रहा है। इस चुप्पी से न केवल ज़िम्बाब्वे की जनता प्रभावित हो रही है, बल्कि पड़ोसी देशों को भी खतरा है। ज़िम्बाब्वे की लोकतांत्रिक व्यवस्था का क्षरण क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। SADC की निष्क्रियता से इस तानाशाही को और बढ़ावा मिल सकता है। नेताओं की उदासीनता से भविष्य में अन्य देशों में भी इसी तरह की स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। यह क्षेत्रीय संगठन की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।