ज़िम्बाब्वे की सीनेट ने बुधवार को भारी बहुमत से एक संवैधानिक संशोधन को मंजूरी दे दी है, जिससे राष्ट्रपति इमर्सन म्नांगवागा का कार्यकाल दो साल बढ़ाया जा रहा है। इस संशोधन के बाद, म्नांगवागा 2030 तक पद पर बने रह सकते हैं। यह व्यापक संशोधन, जो फरवरी में शुरू हुआ था, राष्ट्रपति और सांसदों के चुनाव के तरीके में भी बदलाव करेगा। निचले सदन, राष्ट्रीय सभा ने भी पहले ही इस संशोधन को पारित कर दिया था। सरकार का कहना है कि यह बदलाव देश की राजनीतिक स्थिरता को मजबूत करेगा। हालांकि, विपक्ष ने इस कदम की आलोचना करते हुए इसे सत्ता में बने रहने का प्रयास बताया है। इस संशोधन से ज़िम्बाब्वे की चुनावी प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव होने की संभावना है।
