ज़िम्बाब्वे की सीनेट ने राष्ट्रपति एम्मर्सन म्नांगवा के कार्यकाल को 2030 तक बढ़ाने के लिए संविधान संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस संशोधन के तहत राष्ट्रपति का कार्यकाल पांच साल से बढ़ाकर सात साल किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे देश में स्थिरता आएगी, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे "संवैधानिक तख्तापलट" बताया है। विपक्षी नेताओं का मानना है कि यह बदलाव 83 वर्षीय राष्ट्रपति म्नांगवा की सत्ता को और मजबूत करेगा। सीनेट में 75-4 के वोट से यह प्रस्ताव पारित हुआ। इस संशोधन से राष्ट्रपति चुनाव की तारीख भी प्रभावित हो सकती है। आलोचकों का कहना है कि यह कदम लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ है और सत्ता के केंद्रीकरण को बढ़ावा देगा।