ज़िदान ने बर्लिन के ओलिंपियास्टेडियन में एक यादगार गोल किया। उन्होंने पेनल्टी स्पॉट पर पहुंचकर, जियानलुइगी बुफ़ोन को देखते हुए, एक सटीक शॉट लगाया। यह शॉट क्रॉसबार से टकराकर गोल में गया, जिससे स्टेडियम में सन्नाटा छा गया। यह गोल उनके करियर का अंतिम प्रहार साबित हुआ और फुटबॉल इतिहास में अमर हो गया। इस घटना ने 'ज़िदान' की प्रतिभा और शांत स्वभाव को उजागर किया। यह गोल एक निर्णायक क्षण था जिसने मैच का रुख बदल दिया। यह खेल प्रेमियों के लिए हमेशा याद रखा जाएगा।