ज़िनेदिन ज़िदान को उनके अल्जीरियाई मूल के कारण फ़्रांस की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम में खेलने से लगभग वंचित कर दिया गया था। यह खुलासा उनके पहले कोच, एलेन लेपेउ ने किया है। लेपेउ ने बताया कि उन्हें टीम में इसलिए नहीं चुना गया क्योंकि वह अल्जीरियाई थे। उन्होंने BFMTV को बताया कि उन्होंने इस फैसले पर सवाल उठाया था, यह बताते हुए कि ज़िदान फ़्रांस में ही पैदा हुए थे। यह घटना फ़ुटबॉल में नस्लीय भेदभाव के मुद्दे को उजागर करती है। ज़िदान फ़्रांस के लिए एक महान खिलाड़ी बने और टीम को कई महत्वपूर्ण जीत दिलाईं। लेपेउ के खुलासे से एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि कैसे खिलाड़ियों का मूल्यांकन उनकी प्रतिभा के बजाय उनकी पृष्ठभूमि के आधार पर किया जाता है।