यह लेख जुलाई 2026 में हुई नाटो की अंकारा शिखर वार्ता में लेखक की यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के साथ हुई मुलाकात के बारे में है। लेखक का कहना है कि यदि उन्हें ज़ेलेंस्की के बेलग्रेड दौरे के बारे में पता होता, तो वे उनके सलाहकारों को महत्वपूर्ण सलाह देते। यूक्रेन को रूस जैसे आक्रमणकारी से निपटने के लिए इजराइल के अनुभवों से सीखना चाहिए, खासकर तब जब रूस के सहयोगी सर्बिया जैसे देश मौजूद हों। ज़ेलेंस्की का बेलग्रेड दौरा, जिसे रूस और चीन बाल्कन क्षेत्र में अपने प्रमुख सहयोगी के रूप में देखते हैं, यूक्रेन के हित में एक महत्वपूर्ण कदम था। लेखक इस दौरे को लेकर चल रहे विवादों पर भी प्रकाश डालते हैं। इस यात्रा के माध्यम से यूक्रेन ने बाल्कन क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत की है।