यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने बेलारूस को रूसी सिग्नल री-ट्रांसमिशन सिस्टम को हटाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। क्रेमलिन ने इसे बेलारूस की संप्रभुता में एक आक्रामक हस्तक्षेप और हस्तक्षेप बताया है। यह कदम बेलारूस में रूसी सैन्य गतिविधियों की निगरानी और समर्थन करने की क्षमता को कम करने के उद्देश्य से है। क्रेमलिन का कहना है कि यह मांग बेलारूस के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप है। ज़ेलेंस्की का अल्टीमेटम बेलारूस और यूक्रेन के बीच तनाव को बढ़ाता है, क्योंकि बेलारूस रूस का एक महत्वपूर्ण सहयोगी है। इस अल्टीमेटम के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध और खराब हो सकते हैं। स्थिति क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।