ज़ांज़ीबार के राष्ट्रपति डॉ. हुसैन अली म्विन्यि ने गैर-संरेखित आंदोलन (NAM) के सदस्य देशों से वैश्विक निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में अपनी प्रभावशीलता बढ़ाने और विकासशील देशों के हितों की रक्षा के लिए एकजुट होने का आग्रह किया है। उन्होंने यह टिप्पणी मंगलवार, 1 सितंबर, 2026 को बेलग्रेड में की। डॉ. म्विन्यि ने सदस्य देशों को एक समान आवाज़ और रुख अपनाने के महत्व पर ज़ोर दिया। उनका मानना है कि एकजुट होकर ही NAM वैश्विक मंच पर अधिक प्रभावी ढंग से अपनी बात रख सकेगा। यह आह्वान ऐसे समय में आया है जब विकासशील देशों को अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। डॉ. म्विन्यि की इस पहल का उद्देश्य NAM को एक मजबूत और प्रभावशाली संगठन के रूप में स्थापित करना है जो सदस्य देशों के हितों की रक्षा कर सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि NAM एकता से ही वैश्विक न्याय और समानता को बढ़ावा दिया जा सकता है।