ज़ाग्रेब के मुख्य चौक पर एक बार फिर प्रार्थना करने वालों और ढोल बजाने वाले प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। यह घटना हर महीने के पहले शनिवार को पारंपरिक रूप से दोहराई जाती है। प्रार्थना करने वाले लोग घुटनों के बल बैठकर प्रार्थना कर रहे थे, जबकि ढोल बजाने वाले प्रदर्शनकारी विरोध जता रहे थे। इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य प्रार्थना सभा के आयोजकों के विचारों का प्रतिकार करना है। यह दृश्य ज़ाग्रेब शहर के मुख्य चौक पर आम है और यह स्थानीय लोगों के बीच बहस का विषय बना हुआ है। यह घटना क्षेत्र में धार्मिक और सामाजिक तनाव को उजागर करती है। यह विरोध ज़ाग्रेब में सार्वजनिक स्थान के उपयोग और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से संबंधित मुद्दों पर प्रकाश डालता है।