सोमवार को चीनी युआन की स्थिति स्थिर रही। मध्य पूर्व में तनाव कम होने से डॉलर की मांग में गिरावट आई है। हालांकि, अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं ने डॉलर को सहारा दिया है। व्यापारियों का ध्यान अब ईरान युद्ध के बजाय अमेरिकी आर्थिक नीतियों की ओर स्थानांतरित हो गया है। बाजार अब इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लेकर क्या कदम उठाता है। इन परस्पर विरोधी कारकों के कारण मुद्रा बाजार में संतुलन बना रहा। कुल मिलाकर, वैश्विक भू-राजनीतिक बदलावों का असर एशियाई मुद्राओं पर देखा जा रहा है।
