मलेशिया में गठबंधन सरकार बनने के बाद से, पkatan हरपन (पीएच) और बारिसन नासियोनल (बीएन) के युवा मोर्चों के बीच कोई बैठक नहीं हुई है। 2022 में सरकार बनने के बावजूद, दोनों युवा संगठनों के बीच संवाद स्थापित करने की कोई पहल नहीं की गई है। इस स्थिति से राजनीतिक विश्लेषकों ने चिंता व्यक्त की है, क्योंकि युवा मतदाताओं तक पहुंचने और उनकी चिंताओं को समझने के लिए यह सहयोग महत्वपूर्ण माना जाता था। दोनों मोर्चों के बीच समन्वय की कमी से गठबंधन की एकजुटता पर भी सवाल उठ सकते हैं। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि बैठकें क्यों नहीं हो पाईं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि विभिन्न राजनीतिक प्राथमिकताओं और आंतरिक मतभेदों के कारण यह संभव नहीं हो पाया है। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। भविष्य में इन युवा मोर्चों के बीच संवाद स्थापित करने की संभावना पर भी अनिश्चितता बनी हुई है।