बच्चों, किशोरों और युवाओं में आत्महत्या के विचारों में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। Cecodap के रिकॉर्ड के अनुसार, 2024 की पहली छमाही में 173 मामले थे, जबकि 2025 की समान अवधि में यह संख्या बढ़कर 271 हो गई है। यह 56% की महत्वपूर्ण वृद्धि दर्शाती है। मनोदशा संबंधी विकारों से जुड़े मामलों में विशेष रूप से वृद्धि देखी गई है। विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती चिंता व्यक्त की है और तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया है। यह आँकड़ा युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालने वाले कारकों की ओर इशारा करता है। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए तत्काल और व्यापक हस्तक्षेप की आवश्यकता है।