पांच वर्ष की आयु में एमिली व्हाइटहेड को रक्त कैंसर का पता चला था, और सात वर्ष की आयु में यह बीमारी दोबारा हुई। अब वह 21 वर्ष की हो गई हैं। कार-टी सेल थेरेपी ने एमिली की जान बचाई और उसे कैंसर से मुक्ति दिलाई। यह थेरेपी कैंसर के इलाज में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। एमिली की कहानी लाखों लोगों के लिए आशा की किरण बन गई है। कार-टी सेल थेरेपी में रोगी की अपनी प्रतिरक्षा कोशिकाओं को कैंसर कोशिकाओं से लड़ने के लिए संशोधित किया जाता है। इस उपचार से अब तक कई रोगियों को लाभ हुआ है और यह कैंसर के इलाज के नए युग का प्रतिनिधित्व करता है।